Bokaro: झारखंड में राज्य के लिए संघर्ष करने वालों को एक प्रमाण पत्र दिए जाने की परंपरा है. इससे साबित होता है कि राज्य के लिए किन लोगों ने झारखंड निर्माण के लिए संघर्ष किया है. लेकिन अकसर देखा जाता है कि प्रमाण पत्र के हरकदारों का नाम रुलिंग पार्टी के कार्यकर्ता ही तय करते हैं. लिहाजा उनकी चाहत होती है कि उनके ही लोगों के बीच यह प्रमाण पत्र बंटे. इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वो झारखंड के किसी आंदोलन में शामिल थे या नहीं. ऐसा ही कुछ वाक्या बोकारो जिला के कसमार प्रखंड में देखने को मिल रहा है. कसमार में मंगलवार यानी आज मंत्री योगेंद्र प्रसाद आंदोलनकारियों के बीच प्रमाण पत्र बांटने वाले हैं. लेकिन, इससे पहले सारा मामला विवाद में पड़ता दिखायी दे रहा है. आरोप लग रहे हैं कि जिन लोगों का नाम लिस्ट में हैं, उनमें से ज्यादातर फर्जी हैं. जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने अपने परिजनों और करीबियों के नाम लिस्ट में डाल रखा है.
जानें क्या लग रहे हैं आरोप
– मंत्री के विधायक प्रतिनिधि से लेकर बीस सूत्री अध्यक्ष ने अपना और अपने घर वालों तक को बना दिया झारखंड आंदोलनकारी.
– झामुमो नेता बन गये झारखंड आंदोलनकारी, जिसने लड़ी अलग झारखंड की लडाई उन्हें कर दिया दरकिनार.
– कसमार प्रखंड मे कुल 172 आंदोलकारियों के बीच मंत्री करेगे प्रमाण पत्र का वितरण, मुख्यालय तक पहुंची शिकायत.
जानें पूरा मामला
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मंगलवार को कसमार प्रखंड मे 172 झारखंड आंदोलकारियों के बीच प्रमाण पत्र वितरण करने वाले हैं. लेकिन अब आरोप लग रहे हैं कि कि जो प्रमाण पत्र मंत्री योगेंद्र प्रसाद बांटेंगे, उसमें ज्यादातर झारखंड आंदोलनकारी फर्जी है. जिसने झारखंड अलग कराने में अपना योगदान दिया उसे दरकिनार कर दिया गया है. कसमार प्रखंड मे जो लिस्ट झारखंड आंदोलनकारी के लिए जारी की गई है, उसमें ज्यादातर नाम झामुमो के कार्यकताओं के हैं. मंत्री के विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद शेरे आलम से लेकर झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष दिलीप कुमार हेंब्रम एवं झामुमो के प्रखंड सचिव सोहेल अंसारी ने जोड़-तोड़ कर अपना नाम झारखंड आंदोलनकारी में दर्ज करवा लिया है. इतना ही नही मंत्री के विधायक प्रतिनिधि ने अपनी बड़ी भाभी और झामुमो प्रखंड अध्यक्ष ने अपनी पत्नी और मां का नाम भी झारखंड आंदोलनकारी की लिस्ट मे नाम डलवा दिया है.
पूर्व विधायक लंबोदर लगा रहे हैं आरोप
गोमिया के पूर्व विधायक डॉक्टर लंबोदर महतो ने आरोप लगाया है कि मंत्री के इशारे पर फर्जी आंदोलकारियों का नाम लिस्ट में शामिल किया गया है. इसमें सबसे अधिक झामुमो नेता के ही नाम हैं, जिसने दूर-दूर तक झारखंड की लड़ाई में कोई भूमिका नही निभाई थी. उम्र को बढ़ाकर झारखंड आंदोलनकारी के लिस्ट में नाम दर्ज किया गया है. इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. अबुआ सरकार में भ्रष्टाचार चरम सीमा तक पहुंच गई है.
जेएलकेएम का भी आरोप
जेएलकेएम के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार महतो ने आरोप लगाया है कि अबुआ सरकार में धांधली चल रही है. जिन्होंने असल मे झारखंड की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वैसे आंदोलकारियों के नाम को दरकिनार कर दिया गया है. कसमार में वैसे लोगों का झारखंड आंदोलनकारी के लिस्ट में नाम है, जो झारखंड आंदोलन में कभी शामिल ही नहीं थे. वैसे आंदोलकारियों को मंत्री योगेंद्र प्रसाद मंगलवार को प्रमाण पत्र वितरण करेंगे. इसकी शिकायत जल्द ही जेएलकेएम के केन्द्रीय अध्यक्ष से करते हुए इसका पर्दाफाश करवाने का काम किया जायेगा.
