Veer Vast (AKJ)
Ranchi: आजकल झारखंड की राजधानी रांची से ज्यादा भारत के कोयले की राजधानी धनबाद की चर्चा हो रही है. वजह ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी है. लगातार तीन दिनों तक ईडी ने धनबाद के तीन कोल कारोबारियों के घर समेत कई ठिकानों पर छापा मारा. छापेमारी के बाद सूबे का विपक्ष काफी सक्रिय है. खासकर विपक्ष यानी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड के नेता प्रतिपक्ष, यानी पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सक्रिय हैं. सूबे की सरकार यानी जेएमएम और कांग्रेस को ईडी के छापों से उतना फर्क नहीं पड़ा, जितना की बाबूलाल मरांडी की बेबाक प्रेस कॉन्फ्रेंस से. अपने प्रेस कॉफ्रेस में बाबूलाल मरांडी ने किसी सीबीआई अधिकारी की तरह उन नामों को गिनाया जो धनबाद में अरबों रुपए का काला कारोबार कर रहे हैं. बकायदा सरकारी अधिकारियों के नाम बता दिया. बता दिया कि कौन, कैसे और कहां से वसूली में कर रहा है. लेकिन बस इस बात से वो गुरेज कर जाते हैं कि हाल ही में वो एलबी सिंह के साथ क्या कर रहे थे. क्यों उनका स्वागत और सम्मान स्वीकार कर रहे थे.

एलबी सिंह के साथ बाबूलाल का फोटो वायरल, चुप हैं बाबूलाल
सोशल मीडिया के धुरंधरों के पास कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. बताया जा रहा है कि यह फोटो ईडी के छापेमारी के कुछ दिनों के पहले की है. (जिसकी पुष्टि yesjharkhand.com नहीं करता). फोटो में साफ देखा जा सकता है कि बाबूलाल धनबाद के कोल टायकून एलबी सिंह के साथ कई पोज में हैं. कभी गुलदस्ता ले रहे हैं, तो कभी आराम से सोफे पर बैठ कर बतिया रहे हैं. कभी साथ में आलीशान किसी बंगले में चहलकदमी कर रहे हैं. कुछ तस्वीरों में एलबी सिंह का भाई कुंभनाथ सिंह को भी देखा जा रहा है. हां यह भी कहा जा रहा है कि AI का जमाना है, हो सकता है कि फोटो फेक हो. जैसा कि बाद में राजनीतिक पार्टियों की तरफ से बयान आ जाता है. लेकिन एक्सपर्ट का साफ कहना है कि सभी फोटो ओरिजनल हैं. साथ ही ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक गलियारे में यह बात भी गौसिप बनी हुई है कि कुछ डील होनी थी जो हो ना सकी. (जिसकी पुष्टि yesjharkhand.com नहीं करता)

नोटः इस मामले पर बाबूलाल मरांडी से उनका पक्ष जानने लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
