Gomia: गोमिया थाना क्षेत्र में चौक के पास धड़ल्ले से चल रहे वेश्यावृत्ति कारोबार पर अचानक ब्रेक लग गया है. वजह भी उतनी ही फिल्मी है. थाना प्रभारी के सवा लाख रुपये लेने वाला मामला जैसे ही पब्लिक डोमेन में आया, होटल संचालकों ने तुरंत धंधा बंद कर “मरम्मत कार्य” शुरू कर दिया. आज जो भी ग्राहक प्रेम-भक्ति लेकर होटल पहुंचे, उन्हें बड़े ही सम्मानपूर्वक यह कहकर लौटा दिया गया कि “भईया, सिस्टम डाउन है, कल पूछिएगा.”
सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में यह कारोबार इतना सुचारू चल रहा था कि गोमिया में इसे ‘होटल आधारित सेवा उद्योग’ माना जाने लगा था. लेकिन जैसे ही नोटों की सवा लाख वाली आंधी थाने तक पहुंची, होटल वालों ने समझ लिया कि अब थोड़े दिन लो-प्रोफाइल रहना ही बेहतर है.
उधर, पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह भी वर्षों से शिकायत पर शिकायत दर्ज कराते रहे, लेकिन हर बार छापेमारी से पहले होटल मालिकों को ‘प्री-अलर्ट सर्विस’ मिल जाती थी. नतीजा, पुलिस पहुंचती तो थी, पर सिर्फ खानापूर्ति करने. जैसे बोर्ड लगा हो-“छापा जारी है, कृपया सहयोग करें. असली कार्रवाई अगले जन्म में होगी.
