Kumar Vijay
Bokaro/Gomia: एक बार फिर से yesjharkhsnd.com की खबर का सर हुआ है. शनिवार यानी 30 अगस्त को yesjharkhand.com ने “डीसी साहब! जरा गौर फरमाइए, मुखिया ने पांच हजार में दिया पीएम आवास का फॉर्म, लाभुक को मिला जलमिनार का पैसा, अब तगादा, बहस और झगड़ा शुरू” शीर्षक खबरल का प्रकाशन किया था. जिसके बाद बोकारो प्रशासन हरकत में आया. yesjharkhsnd.com से हुई बाचीत में बोकारो डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. पूरे मामले को सही तरीके से जानने के लिए जांच की जाएगी. जांच में बाद ही प्रशासन किसी निर्णय पर आएगा. मामले में अगर कुछ गड़बड़ी मिली तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा. कठोर कार्रवाई की जाएगी.
इसे भी पढ़ेः डीसी साहब! जरा गौर फरमाइए, मुखिया ने पांच हजार में दिया पीएम आवास का फॉर्म, लाभुक को मिला जलमिनार का पैसा, अब तगादा, बहस और झगड़ा शुरू

क्या था मामला
बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड के पलिहारी गुरुडीह पंचायत की मुखिया सपना कुमारी पर वहां की एक ग्रामीण महिला पिंकी देवी ने संगीन आरोप लगाए हैं. महिला पिंकी देवी का कहना है कि मुखिया सपना कुमारी ने उनसे पीएम आवास के फॉर्म भरवाया. फॉर्म भरवाने के एवज में मुखिया ने पिंकी देवी से पांच हजार रुपए लिए. लेकिन पिंकी देवी के खाते में पैसा मोहल्ले में लगने वाले जल मिनार के लिए 2,47,000 रुपए आए. मुखिया सपना देवी ने दबाव बनाकर पिंकी देवी से दो लाख रुपए बैंक से निकलवाकर ले लिया. बाकी के 47,000 रुपए पिंकी देवी ने पीएम आवास का पैसा आने के बाद लौटाने की शर्त रखी. मोहल्ले में जलमिनार तो लग गया, लेकिन जल मिनार लगाने वाले को पूरा भुगतान नहीं हुआ है. मुखिया सपना देवी पर यह भी आरोप है कि बिना ग्राम सभा के जल मिनार के लिए लाभुक समिति का गठन किया और पिंकी देवी को बिना जानकारी दिए ही, उसे लाभुक समिति का अध्यक्ष बना दिया.
इसे भी पढ़ेः अरगोड़ा अंचल: चुटिया थाने में रांची के 3 CO, 2 CI, राजस्वकर्मियों समेत कई पर FIR के संबंध में DC ने गृह विभाग से कहा- यह नियमसंगत नहीं, निरस्त की अनुशंसा
मुखिया सपना कुमारी की दलील
इस मामले पर मुखिया सपना कुमारी का कहना है कि सोलर जल मिनार लगाने के पलिहारी के पंचायत सचिवालय में ग्राम सभा का आयोजन बीते 12 जुलाई को हुआ था. जिसमें लाभुक समिति का चयन किया गया, और पिंकी देवी का नाम ग्राम सभा में चुनकर आया और उसकी सहमति से ही उन्हें अध्यक्ष बनाया गया. जिसपर पिंकी देवी ने अपना हस्ताक्षर किया. उसकी हालत देखते हुए प्रधानमंत्री आवास का जियो टैग होकर वेरिफिकेशन भी किया गया और आगे की प्रक्रिया जारी है. लेकिन गौर करने वाली बात यहा है कि मुखिया जी ने इस बात पर कुछ नहीं कहा कि आखिर उन्होंने पीएम आवास के लिए पांच हजार रुपए पिंकी देवी से क्यों लिए. उन्होंने यह भी बताने से गुरेज किया कि बिना पिंकी देवी की सहमति के आखिर कैसे उन्होंने सोलर पंप के लिए लाभुक समिति का अध्यक्ष पिंकी देवी को चुन लिया.
